Battle Against Corona…Utter Confusion

The Indian healthcare system is very uniquely designed, by default and not by willful customisation of course, uniquely designed to excel and succumb both. Okay, I understand, having made such a bold opening statement I am under a moral obligation to elaborate and I won’t dodge it. Designed to succumb does not need much of…

ये समर विशेष है

(२) ये समर विशेष है समय वस्तुतः बड़ा विचित्र है।  पुष्प लहलहा रहे बाग़ में,  पंछी चहकते नील गगन में,  वातावरण सिंचित है प्राण वायु से  किंतु प्राण संशित है वातावरण से,  मनुज बँधा भय की लक्ष्मण रेखा में,   पशु स्व्क्छंद विचारते शहर शहर में।  विचित्र ये नहीं कि समर फिर सज़ा है  प्रलय…

Why Am I A Doctor?

In this stir-crazy moment when every one of us is confined (or should I say must be confined) inside the boundaries of our homes, I thought, why not to turn some pages of my doctor’s diary and share them with you. No, these aren’t ben-Trovato. Hypermnesia? Yes, you may call it that. This page is…

The Corona Expose

I know this is a crisis time probably the worst mankind has witnessed over past several decades and even centuries but this will pass as many of our other nefarious pasts. I sincerely hope it does but at what cost I can’t foretell, nobody can but, that’s not what I am going to talk today….

माशाया के मरासिम

मैं वहीं हूँ मैं जहां हूँ, या, मैं वहाँ भी नहीं हूँ मैं जहां हूँ। मैं ख़यालों में हूँ, मैं सवालों में हूँ , बदलों से ऊँची उड़ानो में हूँ , क़िस्से में हूँ, कहानियों में हूँ , चर्च के पीछे और , साड़ी की दुकानो में हूँ । तस्वीर में, मुस्कुराहट में, गीत में,…

MEDICON 2020

After two hugely successful workshop days when this academic event reached its culmination on the final conference day, I was a little shilly-shally about its performance with less than the countable number of attendees in the morning. I thought let’s keep twenty-twenty hindsight- it’s not easy to ensemble the entire orchestra of such discordant instruments,…

Magiquest

नीलम नीलम चंदिनी में डूबे , पूनम पूनम के चाँद से चेहरे , कर्मठ, कार्यकुशल और कुलीन , अचंभित ,मैं बैठा भाव विलीन  कोमल कोमल कर कमलों के,  विमल विमल मोहक मोहरे , नीलम नीलम चाँदनी में डूबे , पूनम  पूनम के चाँद से चेहरे. The hall was dazzling with blue clad glamour divas when…

शिशिर की ठिठुरती रात

ठंडी, सूनी श्यामल राहों को, शबनम की बूंदों का साथ है, ये शिशिर की ठिठुरती रात है। धूमिल चांदनी, चढ़ता कुहासा शुष्क शाखों पर दुबके पंछी, चौपालों की सहमी झुर्रियों को, स्नेही प्रज्वला की सौगात है। ये शिशिर की ठिठुरती रात है। लोहड़ी के सुमधुर गीतों पर, ठुमकते कदम, पिघलती बाहें , अनकही, कल्पित आंहों…

कुरुक्षेत्र

समय आया बड़ा विचित्र है, क्षितिज पर अजीब चित्र है, धरा का भी हाल बेहाल है, दिशाओं में फैला काल है, व्याधि घुली है फिज़ाओं में, आसमानी सागर भी लाल है, पार्थ संबोधित है अर्जुन से, खड़ा कलयुगी कुरुक्षेत्र में।। पतंगा लील रहा ज्योति को, दूषित, कलुषित जल गंगा का। आदि चीख रहा अनादि को,…