पाती प्रेम की
लेखनी लेकर बैठा एक कवि पाती प्रेम की लिखने को तैयार, स्मरण करण के छायाचित्र पर प्रियतमा तुम्हारे स्मृति चिन्हों को पाता हूँ। आओ मैं भी एक गीत सुनाता हूँ। घने कजरारे मदमस्त मेघ सा सावन अम्बर से गेसू, दूज…
लेखनी लेकर बैठा एक कवि पाती प्रेम की लिखने को तैयार, स्मरण करण के छायाचित्र पर प्रियतमा तुम्हारे स्मृति चिन्हों को पाता हूँ। आओ मैं भी एक गीत सुनाता हूँ। घने कजरारे मदमस्त मेघ सा सावन अम्बर से गेसू, दूज…