Holi ..a colourful love affair

The unmistakable spirit of craic effervescing from every nook and cranny, the petrichor vocalism of flying colours and the gusto of minds ready for epicurean indulgence…. that’s the essence of Holi and that’s what I found as I stepped on to the rooftop venue where the party was hosted. साज़ भी था, मौसकी भी थी, …

होली आई

    सुन्दर सजल रंगीले, कुछ लाल कुछ पीले, मेरे ख्वाबों के दस्ते। पलाश के फूलों की महक लिए, आंखों में हुड़दंग की ललक लिए, मेरे यारों के दस्ते। वो पुकारते मुझे, मैं पुकारता उन्हें लेकर अपनी चाहतों के गुलदस्ते। मैं मृदंग हूं, मैं ताल हूं, ठंडाई का घूंट पिये, मैं मदमस्त चाल हूं फाल्गुन…