Nostalgia

सुनो, आज फिर मिलते हैं, कुछ क़िस्से पुराने सुनाते हैं, कुछ गीत नए गुनगुनाते हैं।   वो बचपन की मधुर यादें, वो नानी दादी की बातें, वो सपने पतंग के पेंच के, वो, अफ़साने शीला की जवानी के, गाँव के पुराने बरगद की छांव, वो बारिश में काग़ज़ की नाव, वो कैंची डंडे की साइकल,…
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June 27, 2021 0