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Nostalgia

सुनो, आज फिर मिलते हैं, कुछ क़िस्से पुराने सुनाते हैं, कुछ गीत नए गुनगुनाते हैं।   वो बचपन की मधुर यादें, वो नानी दादी की …

ये समर विशेष है

(२) ये समर विशेष है समय वस्तुतः बड़ा विचित्र है।  पुष्प लहलहा रहे बाग़ में,  पंछी चहकते नील गगन में,  वातावरण सिंचित है प्राण वायु …

गुफ़्तगू

एक शाम यादों में , एक शाम आहों में। एक पुराना बरगद और उसपे बैठा इक परिंदा। गाँव की गलियाँ वो रंगरलियाँ, इमली के पेड़ …

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